Halda Festival जिला लाहौल स्पीति में मनाये जाने वाला प्रसिद्ध त्यौहार

हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के नाम से जाना जाता है यहां बहुत से लोकप्रिय और ऐतिहसिक धार्मिक स्थान है जो अपनी अपनी लोकप्रियता के लिए जाने जाते है।

आज हम आप को हिमाचल प्रदेश के में मनाये जाने वाले हल्दा (Halda) त्यौहार के बारे में बताने जा रहा हूँ।

दीपावली के सम्मान मान्यता प्राप्त इस त्यौहार को

जो हिमाचल प्रदेश में मनाये जाने वाले प्रसिद्ध त्योहारों में से एक माना जाता है। इसी के साथ यह त्यौहार माघ पूर्णिमा, हल्दा (Halda) के शुभ अवसर पर मनाया जाता है।

इसी के साथ यह त्यौहार हिमाचल प्रदेश में खूबसूरत त्योहारों में से एक दीपावली, दीपों के त्योहार के समान मनाई जाती है।

हल्दा त्यौहार 2-दिवसीय भव्य कार्निवाल

इसी के साथ हिमाचल प्रदेश का यह हल्दा (Halda) त्यौहार 2-दिवसीय भव्य कार्निवाल है, जो हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल स्पीति में मनाया जाता है, इसी के साथ हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध स्थान लाहौल घाटी के एकांत क्षेत्र में मनाया जाता है, इसी के साथ यह हल्दा (Halda) त्यौहार की जड़ें इस घाटी की लामिस्टिक परंपराओं में हैं।

साथ ही यह धन की देवी, शिस्र आपा को समर्पित है। इस लोकप्रिय और प्रसिद्ध उत्सव के दृश्य आकर्षण को जोड़ते हुए, एक विशाल अलाव समूह की एकजुटता का प्रतीक है।

पारंपरिक पेय और क्षेत्रीय व्यंजनों के बारे में

इस त्यौहार में परिवार के सभी सदस्य मिलकर अपने परिवार या अपने परिजनों के साथ इस त्यौहार को मनाते है हिमाचल प्रदेश का यह बहुप्रतीक्षित त्योहार पारिवारिक और सामुदायिक समारोहों, विदेशी पारंपरिक पेय और क्षेत्रीय व्यंजनों के बारे में है,

यह त्यौहार अब इतना प्रसिद्ध हो गया है की देश विदेश से लोग इस त्यौहार को देखने के लिए आते है हिमाचल प्रदेश में मनाये जाने वाला यह एक बहुत ही प्रसिद्ध त्यौहार है।

उनकी श्रद्धा में कई अनुष्ठान किए जाते

हिमाचल के जिला लाहौल और कीयोंग की घाटियां में यह दो बारहमासी नदियों के साथ जीवन में आनंदित होने का आनंद देती हैं इसी के साथ इस हलदा (Halda) इस जीवन का उत्सव माना जाता है।

स्थानीय देवताओं को विशेष प्रसाद चढ़ाया जाता है और उनकी श्रद्धा में कई अनुष्ठान किए जाते हैं, इस त्यौहार के दिन सभी निवासी अपने अपने देवी देवताओ की पूजा अर्चना करते है।

परिजन घर में रोशनी कर के दीपक जला कर घर को रंगीन कर देते

विवेश कर यह त्यौहार जनवरी में लामाओं द्वारा मनाया जाता है, इस हल्दा (Halda) माघ पूर्णिमा में मनाया जाने वाला रोशनी का त्योहार कहा जाता है इस दिन सभी परिजन घर में रोशनी कर के दीपक जला कर घर को रंगीन कर देते है।

इसी के साथ इस शुभ अवसर पर, जुनिपर पेड़ की टहनियों और शाखाओं को एक साथ बांधा जाता है साथ ही इस दिन एक मशाल के रूप में उपयोग किया जाता है।

ग्रामीणों की समृद्धि और भलाई के लिए स्थानीय देवताओं को प्रसाद दिया जाता

इस दिन सभी शाम के समय, हर घर में इस मशाल को जलाते है तथा उस की रोशनी से वो पूजा अर्चना करते है। साथ ही लोग गाँव में एक सामान्य स्थान पर एकत्रित होते हैं।

एक विशेष समारोह किया जाता है और सभी ग्रामीणों की समृद्धि और भलाई के लिए स्थानीय देवताओं को प्रसाद दिया जाता है ताकि गांव में सुख शांति बने रहे इसी लिए सारे गांव वाले एक स्थान में एकत्रित होते है।

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