Karcham wangtoo hydroelectric plant किन्नौर में स्तिथ एक अहम परियोजना

हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी राज्य है, यहां बहुत सी छोटी बड़ी नदिया बहती है, जिन में से मुख्य पांच ही है, इन्ही नदियों में बहुत से बिजली पावर प्रोजेक्ट बनाये गए है,

इन्ही में से एक है। हिमाचल प्रदेश के जिला किन्नौर में स्तिथ करचम वांग्टू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट (Karcham wangtoo hydroelectric plant) यह हिमाचल प्रदेश में सतलज नदी पर एक 1,000 मेगावाट (1,300,000 अश्वशक्ति) रन-ऑफ-द-रिवर हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन है।

इसी के साथ यह बांध और पॉवर स्टेशन करचम (Karcham) और वांगतु (Wangtoo) के गाँवों के बीच में स्थित हैं। जो दो गावो को आपस में जोड़ता है।

karcham himachal pradesh

जेपी करचम हाइड्रो कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 1993 में बांध को विकसित

इसी के साथ संयंत्र भी अपना नाम हासिल करता है, इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार जेपी ग्रुप के जेपी करचम हाइड्रो कॉर्पोरेशन लिमिटेड (Karcham hydro corporation limited) ने 1993 में बांध को विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया था तथा

उसके कुछ वर्षों के बाद, पावर स्टेशन पर निर्माण 18 नवंबर 2005 को शुरू हो गया था। इसी के साथ बाद 2015 में जेपी ग्रुप ने जेएसडब्ल्यू समूह को करचैंग वांगटू प्रोजेक्ट बेच दिया।

पहला जनरेटर मई 2011 में तथा उसके बाद दूसरा जून में और अंतिम 02 सितंबर में चालू किया गया

इसी के साथ जानकारी के अनुसार पहला जनरेटर मई 2011 में तथा उसके बाद दूसरा जून में और अंतिम 02 सितंबर में चालू किया गया था, इसी के साथ किन्नौर के कराचम में 98 मीटर (322 फीट) लंबा बांध सतलुज के

एक बड़े हिस्से को 10.48 मीटर तथा (34.4 फीट) और व्यास नदी पर 17.2 किमी तथा (10.7 मील) लंबे हेडग्रेस टनल से वांगतु में भूमिगत बिजली स्टेशन तक ले जाता है, इसी के साथ यह किन्नौर में स्तिथ यह जलविद्युत परियोजना हिमाचल की अहम परियोजना है।

पावर स्टेशन के बीच की ऊँचाई का अंतर 298 मीटर (978 फीट) के सकल हाइड्रोलिक सिर को प्रदर्शित करता

इसी के साथ स्टेशन पर जल शक्ति 04, 250 मेगावाट फ्रांसिस टर्बाइन-जेनरेटरों को इससे पहले कि 1.2 किमी (0.75 मील) साथ ही एक लंबी पूंछ सुरंग के माध्यम से सतलुज नदी में वापस भेजती है, इसी के साथ इस बांध और पावर स्टेशन के बीच की ऊँचाई का अंतर 298 मीटर (978 फीट) के सकल हाइड्रोलिक सिर को प्रदर्शित करता है।

यह 06 रेडियल गेटों द्वारा नियंत्रित किया जाता

इसी के साथ पानी को बांध द्वारा नहीं डाला गया है, इसी के साथ पानी स्पिलवे के ऊपर भेजा जाता है साथ ही नदी के सामान्य पाठ्यक्रम को नीचे भेजा जाता है, इसी के साथ मुख्य स्पिलवे बांध के शिखर के साथ है और यह 06 रेडियल गेटों द्वारा नियंत्रित किया जाता है।

इसी के साथ इस बांध के ठीक ऊपर 300 मेगावाट का बासपा हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट भी स्तिथ है इसी के साथ करछम वांग्टू का बहाव 1,500 मेगावाट तथा नाथपा झाकरी बांध स्तिथ है।

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