अटल टनल बनने से वाहनों की आवाजाही से होने वाला प्रदूषण होगा कम

हिमाचल प्रदेश में बनी अटल टनल रोहतांग दर्रे को भी एक बड़ी सौगात देने जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस महत्वपूर्ण टनल से अब मनाली-मढ़ी से रोहतांग दर्रा होकर जाने वाले हजारों वाहन अब सीधे टनल से होकर निकल जाएंगे।

बताया जा रहा है की ऐसे में बर्फ से लकदक रहने वाले रोहतांग दर्रे में 75 फीसदी तक प्रदूषण कम हो जाएगा तथा यहां का वातावरण प्रदूषित होने से बच जायेगा।

पहले यहां वाहनों की आवाजाही के कारण भारी मात्रा में प्रदूषण होता था

रोहतांग से वापसी में अगर वाया मढ़ी वाहन आते हैं तो जाम न होने की स्थिति में वायु प्रदूषण कम रहेगा पहले यहां वाहनों की आवाजाही के कारण भारी मात्रा में प्रदूषण होता था जिस से अब राहत मिल पाएगी।

पहले प्रदूषण के चलते समर सीजन में केवल इस दर्रे से 1,500 वाहनों को ही रोहतांग दर्रे में जाने की अनुमति

इस टनल से अब वाहन सीधे निकल पाएंगे पहले यहां अमूमन हजारों की संख्या में रोहतांग दर्रे से होकर वाहन जाने से बर्फ काली पड़ जाती है, यही कारण है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भी समर सीजन में केवल इस दर्रे से 1,500 वाहनों को ही रोहतांग दर्रे में जाने की अनुमति दी है।

मगर अब इस अटल टनल से वाहनों की आवाजाही होने से अभी से इस परेशानी से भी मुक्ति मिल जायेगी।

अटल टनल खुलते ही स्थानीय लोगों की आवाजाही रोहतांग दर्रे से नहीं हो रही

हिमाचल का यह दर्रा भले ही साल में मात्र 06 से 07 माह तक वाहनो के लिए खुलता था। मगर वाहनों के कम गुजरने से अब दर्रे के आसपास ग्लेशियरों को ताकत मिलेगी और उन्हें गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण से भी राहत मिल पाएगी।

इसी के साथ कोकसर में ढाबा संचालक राजीव ने बताया कि इस अटल टनल खुलते ही स्थानीय लोगों की आवाजाही रोहतांग दर्रे से नहीं हो रही है। जिससे अब कोकसर में चहल पहल कम हो गई है।

मान सिंह रावत ने बताया कि स्पीति का रुख करने वाले और काजा से आने वाले यात्री कोकसर से होकर निकल रहे हैं। जिस वजह से अब कोकसर में लोगो की आवाजाही बहुत ही कम हो गयी है।

रोहतांग दर्रे में ग्लेशियरों का पिघलना व बर्फ की परत का काला पड़ने का कारण वाहनों की भारी आवाजाही ही थी

हिमाचल में वायु प्रदूषण व ग्लेशियरों पर शोध करने वाले जीबी पंत संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जीसी कुनियाल ने कहा कि इस प्रसिद्ध रोहतांग दर्रे में ग्लेशियरों का पिघलना व बर्फ की परत का काला पड़ने का कारण वाहनों की भारी आवाजाही ही थी जो अब कम हो जाएगी।

इस टनल से लोगो के साथ साथ पर्यावरण को भी बहुत राहत मिल पाएगी अब इस टनल बनने से ग्लेशियर के साथ वातावरण भी साफ-सुथरा होगा तथा जिस से यहां का वातावरण और भी साफ़ हो जाएगा।

Rohtang Pass also got a big gift due to the formation of Atal Tunnel, there will be less pollution due to movement of vehicles

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