शानन हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में स्तिथ प्रमुख्य प्लांट

शानन हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में स्तिथ हैम यह हिमाचल प्रदेश की अक्ल अहम जलविद्युत परियोजना है, इसी के साथ यह स्थान घने देवदार जंगलों की पृष्ठभूमि में बनाया गया था यह पूरा

स्थान प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है,प्राप्त जानकारी के अनुसार बरोट बांध ब्रिटिश नेताओं द्वारा शानन हाइडल प्रोजेक्ट नामक एक छोटी पनबिजली परियोजना के हिस्से के रूप में बनाया गया था।

भारत का सबसे पुराना हाइड्रो-बिजलीघरो में से एक

इसी के साथ यह भारत में पहला पनबिजली संयंत्र बन जाता है, इसी के साथ यह हाइडल परियोजना प्रणाली की दृष्टि उहल नदी से निकलने वाले पानी के उपयोग से 05 बिजली संयंत्र बनाने की थी

इसी के साथ जोगिंद्रनगर का शानन पावर हाउस भारत का सबसे पुराना हाइड्रो-बिजलीघरो में से एक है, इसी के साथ दुनिया के सबसे पुराने बिजलीघरों में से एक है।

शानन पावर हाउस की जगह से बरोट तक एक हौज-वे सिस्टम बिछाया गया

मंडी में स्तिथ इस शानन पावर होम को ब्रिटिश इंजीनियर कर्नल बी.सी. द्वारा डिजाइन, विकसित और निर्मित किया गया था साथ ही जोगिंदर नगर क्षेत्र के

शासक राजा करण सेन के सहयोग से बैट्टी और उसका समूह ने ब्रिटेन से लाई गई भारी मशीनरी को लाने के लिए ही हिमाचल प्रदेश की लोकप्रिय रेल पठानकोट से जोगिंदर

नगर तक एक नैरो-गेज ट्रेन ट्रैक बिछाया गया था। इसी के साथ शानन पावर हाउस की जगह से बरोट तक एक हौज-वे सिस्टम बिछाया गया था। इसी के साथ यहां एक जलाशय ऊहल नदी पर बनाया गया था।

1936 में ब्रिटिश नीति के तहत कमीशन किया गया

जानकारी के अनुसार 1936 में ब्रिटिश नीति के तहत कमीशन किया गया था। इसी के साथ शानन हाइड्रो-इलेक्ट्रिक पावरहाउस का निर्माण 99 साल की लीज डीड के तहत किया गया था।

साथ ही यह मंडी राज्य के राजा जोगिंदर सेन और 1925 में ब्रिटिश इंजीनियर कर्नल बीसी बैटी के बीच हुआ था।

पुनर्गठन के दौरान नवंबर 1966, शानन पावर हाउस 99 साल की लीज डीड पर पंजाब को दिया

इसी के साथ राज्यों के पुनर्गठन के दौरान नवंबर 1966, शानन पावर हाउस 99 साल की लीज डीड पर पंजाब गया जानकारी के अनुसार शानन पावर हाउस के साथ स्टेज- I की 4X12 = 48 मेगावाट को 1982 में 4X15 = 60 मेगावाट तक बढ़ाया गया था।

इसी के साथ मशीनों को अंततः दिसंबर 1982 में चालू किया गया था, बरोट हिमाचल प्रदेश का एक प्रमुख और लोकप्रिय पर्टयक स्थान हैं जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वातावरण के लिए जाना जाता है।

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