06 लाख 30 हजार विद्यार्थियों को बैंक खातों में वर्दी की सिलाई राशि प्रदान की जायेगी

himachal school uniform

हिमाचल प्रदेश में सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब साढ़े 06 लाख विद्यार्थियों को बैंक खातों में स्मार्ट वर्दी की सिलाई राशि प्रदान कर दी जायेगी, इसी के साथ बताया जा रहा है की हिमाचल प्रदेश में पहली से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को वर्दी के 02 सेट की सिलाई को सरकार 200 रुपये देगी।

विद्यार्थियों के बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करने के निर्देश जारी

इसी के साथ बताया जा रहा है की प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला अधिकारियों को इस बाबत बजट जारी कर दिया है, सभी विद्यार्थियों के बैंक खातों में पैसा

ट्रांसफर करने के निर्देश दे दिए गए हैं, इसी के साथ प्रदेश के जिला मंडी से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को स्मार्ट स्कूल वर्दी देने की प्रक्रिया बीते माह से शुरू हो गई है।

कांगड़ा जिले के करीब 15 फीसदी विद्यार्थियों को स्मार्ट स्कूल वर्दी का आवंटन भी कर दिया गया

इसी के साथ बताया जा रहा है की हिमाचल की छोटी काशी मंडी और कांगड़ा जिले के करीब 15 फीसदी विद्यार्थियों को स्मार्ट स्कूल वर्दी का आवंटन भी कर दिया गया है,

इसी के साथ हिमाचल प्रदेश में 72 फीसदी वर्दी की सप्लाई पूरी कर दी गई है, जानकारी के मुताबिक जांच के लिए भेजे गए वर्दी के सैंपलों की रिपोर्ट आते ही जिला उपनिदेशकों को आवंटन करने के निर्देश दिए गए हैं।

55 करोड़ से हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाले पौने 08 लाख छात्रों के लिए वर्दी खरीदी गई

साथ ही करीब 55 करोड़ से हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा तक पढ़ने वाले पौने 08 लाख छात्रों के लिए वर्दी खरीदी गई है, इसी के साथ पहली से दसवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को सिलाई के लिए अलग से करीब 20 करोड़ के बजट का प्रावधान जारी किया गया है।

नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूलों में भी वर्दी वितरित की जा रही

इसी के साथ हिमाचल में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के राशन की तर्ज पर अभिभावकों को स्कूलों में बुलाकर वर्दी दी जा रही है, साथ ही बताया जा रहा है की कई जगह घरों में भी वर्दी पहुंचाई जा रही है,

साथ ही नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूलों में भी वर्दी वितरित की जा रही है। साथ ही जो विद्यार्थी स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके अभिभावकों को बुलाकर वर्दी दी जा रही है।

बीते साल चुनी गई कंपनी को 02 साल के लिए टेंडर दिया गया

इसी के साथ ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रदेश सरकार वर्दी की सिलाई का पैसा नहीं देती है, बल्कि वर्दी खरीद के लिए बीते साल चुनी गई कंपनी

को 02 साल के लिए टेंडर दिया गया है, साथ ही सभी स्कूल प्रभारियों को सही सैंपल रिपोर्ट आने के बाद ही वर्दी देने को कहा गया है।

इसी के साथ वर्दी की ढुलाई के कार्य में विद्यार्थियों को न लगाने और विद्यार्थियों से ट्रांसपोर्टेशन का शुल्क भी नहीं लेने को कहा गया है, यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो उस पर करवाई की जा सकती है।

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