चीन से सटे समदो बॉर्डर के लिए एक और सामरिक महत्व की सड़क का निर्माण शुरू

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हिमाचल प्रदेश में चीन से सटे समदो बॉर्डर के लिए एक और सामरिक महत्व की सड़क का निर्माण किया जाएगा, प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति और किन्नौर को

जोड़ने वाली भावानगर-मुद सड़क निर्माण में रोड़ा बनी फॉरेस्ट क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी हो गई है, इसी के साथ बताया जा रहा है की अब लोक निर्माण विभाग इस सड़क का काम शुरू करेगा तथा इस परियोजना से समय और दुरी में कमी होगी।

शिमला से काजा की दूरी 150 किलोमीटर और समदो बॉर्डर की दूरी 100 किलोमीटर कम हो जाएगी

इसी के साथ इस सड़क बनने से शिमला से काजा की दूरी 150 किलोमीटर और समदो बॉर्डर की दूरी 100 किलोमीटर कम हो जाएगी जिस से समय की बहुत बचत होगी,

इसी के साथ भारतीय सेना को अब काजा पहुंचने में अब 04 घंटे कम लगेंगे, जिस से सेना को भी लाभ मिल पायेगा, इसी के साथ करीब 32 किमी लंबी यह सड़क समुद्रतल से 12 हजार फीट की ऊंचाई से गुजरेगी।

पिछले कई सालों से भूमि लोनिवि के नाम नहीं होने से निर्माण लटका हुआ

प्राप्त जानकारी के अनुसार भावा-मुद सड़क निर्माण के लिए केंद्र ने भूमि अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है,इसी के साथ बताया जा रहा है की पिछले कई सालों से भूमि लोनिवि के नाम नहीं होने से निर्माण लटका हुआ था।

इसी के साथ अब इसकी प्रक्रिया पूरी हो गई है साथ ही बताया जा रहा है की अब सेना के साथ आम लोगों को किन्नौर के मलिंग होकर लंबे सड़क मार्ग से नहीं गुजरना पड़ेगा।

समदो बॉर्डर पर तैनात सेना और आईटीबीपी के जवानों को भी सुविधा मिल पाएगी

हिमाचल प्रदेश में स्तिथ इस समदो बॉर्डर पर तैनात सेना और आईटीबीपी के जवानों को भी सुविधा मिल पाएगी, इसी के साथ यह सड़क किनौर के भावानगर से निकल कर लाहौल-स्पीति के अंतिम गांव मुद में मिलेगी

साथ ही आतर्गु पूल के पास यह सड़क समदो-काजा-ग्रांफू मार्ग से जुड़ेगी, इसी के साथ लाहौल स्पीति को किन्नौर से जोड़ने का यह दूसरा अहम मार्ग यह होगा साथ ही इससे स्पीति घाटी के पर्यटन को भी नए पंख लगेंगे।

भावा-मुद सड़क सामरिक महत्व के साथ घाटी के पर्यटकों को नई दिशा प्रदान करेगी

इसी के साथ स्थानीय विधायक और जनजातीय मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने बताया कि सड़क निर्माण को वन विभाग की मंजूरी मिल गई है प्राप्त जानकारी के अनुसार भूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया आरंभ होने से इसका

काम युद्घस्तर पर किया जाएगा साथ ही उन्होंने कहा कि भावा-मुद सड़क सामरिक महत्व के साथ घाटी के पर्यटकों को नई दिशा प्रदान करेगी जिस से जनता और भारतीय सेना को बहुत से लाभ मिल पायेगा।

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