CU के धौलाधार परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन

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हिमाचल प्रदेश के केंद्रीय विश्वविद्यालय के धौलाधार परिसर में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के शुभ अवसर पर -2020 पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है, इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है।

मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर आयोजित यह समिनार

मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर आयोजित इस बैठक में बतौर मुख्य अतिथि-वक्ता विवि के कुलपति डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की साथ ही छात्र-छात्राओं-शोधार्थियों को उन्होंने संबोधित भी किया।

दीप प्रज्वलित करके मुख्य अतिथि ने संगोष्ठी का शुभारंभ किया

इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की दीप प्रज्वलित करके मुख्य अतिथि ने संगोष्ठी का शुभारंभ किया, साथ ही इस समीनार के संयोजक

और अधिष्ठाता शिक्षा स्कूल प्रो. विशाल सूद ने जानकारी देते हुए बताया कि मौलाना अबुल कलाम आजाद ने अनिवार्य शिक्षा को प्रखर तरीके से रखा,

समाज को यह बात बताई कि अनिवार्य शिक्षा का जीवन में क्या महत्त्व है। इसके बाद शिक्षा स्कूल की शोधार्थी पारूल ने मौलाना अबुल कलाम आजाद और शिक्षा दिवस पर अपने विचार रखे।

कुलपति डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने छात्र- छात्राओं का परिचय लिया

इसी के साथ बताया जा रहा है की कुलपति डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने छात्र- छात्राओं का परिचय लिया, साथ ही उन्होंने कहा कि मौलिक चिंतन मातृभाषा के

सिवा हो ही नहीं सकता है, प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की जब तक मातृभाषा को आत्मसात नहीं कर लिया जाता है।

शिक्षा का विस्तार भारतीय भाषाओं में ही होना चाहिए

इसी के साथ इसीलिए शिक्षा का विस्तार भारतीय भाषाओं में ही होना चाहिए इसी को अहम बनाकर उन्होंने भारतीय भाषाओं के विलुप्त होने पर चिंता जताई है साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई अपनी मातृभाषा में

अपने ज्ञान को व्यक्त नहीं कर सकता है, तो वह दूसरों में अपना ज्ञान बांटने में असमर्थ है। उन्होंने आह्वान किया कि शोध कार्य भारतीय भाषाओं में होने चाहिए।

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