उच्च शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के आदेश को बदला

private school in himachal

हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल के फैसले के बाद अब उच्च शिक्षा निदेशालय ने हिमाचल के निजी स्कूलों में सिर्फ ट्यूशन फीस लेने के आदेश को भी वापस ले लिया हैं, प्राप्त जानकरी के अनुसार बताया जा रहा है की उच्च

शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की ओर से जारी पत्र में यह निर्णय लिया गया है कि सरकार ने ट्यूशन फीस के अलावा सभी फंड कोरोना वायरस संकट को देखते हुए स्थगित कर दिए है।

पुरानी फीस वसूली पर असमंजस अभी बरकरार

इसी के साथ पुरानी फीस वसूली पर असमंजस अभी बरकरार है, इसी के साथ मिली जानकारी के अनुसार उच्च शिक्षा निदेशालय से जारी निर्देशों में लॉकडाउन की पूरी फीस लेने या ना लेने को लेकर स्थिति अस्पष्ट है, साथ

ही विभागीय अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे है, ऐसे में अधिकारियों की इस चुप्पी ने लाखों अभिभावकों को अधर में फंसा कर अपना पल्ला झाड़ लिया है।

प्रदेश के निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों को जारी किए गए सुचना पत्र

जिस बजह से अभिवावको को चिंन्ता होने लगी है। ऐसे में उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से बुधवार को हिमाचल प्रदेश के निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों और हेडमास्टरों को जारी किए गए सुचना पत्र में बताया गया कि

26 मई 2020 को सरकार ने कोरोना संकट के चलते सिर्फ ट्यूशन फीस ही अभिभावकों से लेने के निर्देश दिए थे, ऐसे में बढ़ते कोरोना वायरस की बजह से यह निर्देश भी बापिस ले लिए गए है।

लॉकडाउन के दौरान नहीं वसूले गए अन्य फंडो की सूचि

जानकारी के अनुसार निदेशालय ने मंत्रिमंडल बैठक में हुए फैसले का हवाला देते हुए यह पत्र जारी कर दिया है। इसी के साथ निदेशालय की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि लॉकडाउन के दौरान नहीं वसूले गए अन्य फंड जैसे बिल्डिंग फंड,

मेंटेनस फंड, स्पोर्ट्स फंड, कंप्यूटर फीस और अन्य फंड भी निजी स्कूल अब ले सकते हैं या नहीं। इस पर अभी किसी प्रकार से कोई निदेर्श नहीं लिया गया है।

निदेशालय की इस कार्यप्रणाली को लेकर अभिभावक असमंजस में

साथ ही निदेशालय की इस कार्यप्रणाली को लेकर अभिभावक असमंजस में हैं, बताया जा रहा है की हिमाचल प्रदेश के कई निजी स्कूलों से मंत्रिमंडल का फैसला

होने के बाद से पुरानी फीस वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी के साथ इसको लेकर छात्र अभिभावक मंच उच्च शिक्षा निदेशालय प्रदर्शन कर अपना विरोध भी जता चुका है।

प्रदेश हाईकोर्ट इस मामले में करे हस्तक्षेप “मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा “

इसी लिए मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा का कहना है कि जब लॉकडाउन के चलते स्कूल बंद थे तो निजी स्कूल किस आधार पर कंप्यूटर फीस, स्पोर्ट्स फंड सहित

अन्य फंड वसूल रहे हैं, जिस की बजह से उन्होंने इस मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट से इस पर निर्णय लेने की बात कहि है.

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