गोपालपुर चिडि़याघर में एक एशियाई शेरनी अकीरा ने दिया दो शावकों को जन्म

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हिमाचल प्रदेश में एशियाई शेरों के कुनबे में बढ़ोतरी हुई है, प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की प्रदेश के जिला कांगड़ा के पालमपुर स्थित गोपालपुर चिडि़याघर में एशियाई शेरनी अकीरा ने दो बच्चों को जन्म दिया है।

गुजरात के सकरबॉग चिडि़याघर से 02 एशियाई शेरों को हिमाचल लाया गया था

इसी के साथ बताया जा रहा है की वन विभाग इन पर पूरी तरह से नजर रखे हुए है, इसी के साथ दिसंबर 2019 में वन्यप्राणी आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत गुजरात के सकरबॉग चिडि़याघर से 02 एशियाई शेरों को हिमाचल के गोपालपुर चिडि़याघर लाया गया था।

शेर अकीरा ने 22 नवंबर को 02 स्वस्थ्य शावकों को जन्म दिया

इसी के साथ इनमे 02 शेरों में अकीरा (7) शेरनी और हेमल (10) शेर को यहां लाया गया था, जिसके बाद 11 महीने के अंतराल के बाद मादा शेर अकीरा ने 22 नवंबर को 02 स्वस्थ्य शावकों को जन्म दिया, इसी के साथ

प्रधान, मुख्य अरण्यपाल (वन्यप्राणी) अर्चना शर्मा का कहना है कि यह सफलता वन्यप्राणी विभाग के लिए बड़े गर्व की बात है। वाइल्ड लाइफ डीसीएफ राहुल रोहाने ने खबर की पुष्टि की है, इसी के साथ इन दोनों शावकों को देखने के लिए बहुत से लोग आ रहे है।

05 दिन बाद मादा शेर और नवजात शवकों का स्वास्थ्य जांचा जाएगा

इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की वन विभाग के अनुसार अभी तक कोई भी कमी इन शेरों के बाड़े में नहीं पाई गयी है, इसी के साथ 05 दिन बाद मादा शेर और नवजात शवकों का स्वास्थ्य जांचा जाएगा,

साथ ही बताया जा रहा है की अगर पहले चले जाते तो मादा शेरनी बच्चों का त्याग भी कर सकती है, इसके अलावा वे कर्मियों पर हमला भी कर सकती है।

मादा शेरनी अपने 02 नवजात बच्चों के साथ गोपालपुर चिड़ियाघर में रह रही है

इसी के साथ वन विभाग ने सीसीटीवी कैमरे से कर रहा निगरानी वन विभाग इन पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रख रहा है, साथ ही वन विभाग के अनुसार जहां यह

मादा शेरनी अपने 02 नवजात बच्चों के साथ इस चिड़ियाघर में रह रही है, इसी के साथ सीसीटीवी कैमरे के द्वारा इन पर नजर रखी जा रही है।

नवजात शावक और मादा शेरनी पूरी तरह से स्वस्थ

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की विभाग लगातार इनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है, ताकि इन्हे किसी भी प्रकार से कोई परेशानी ना आये, इसी लिए इनकी हर मूवमेंट को देखा जा रहा है, साथ ही अभी

तक दोनों नवजात शावक और मादा शेरनी स्वस्थ हैं, इसी के साथ गोपालपुर चिडि़याघर प्रबंधक ने शेरों के बाड़े के पास लोगों के जाने की पूरी तरह रोक लगा दी है।

शेर अपने आसपास किसी की भी मौजूदगी पंसद नहीं करते

इसी के साथ किसी को भी इनके बाड़े के पास नहीं जाने दिया जा रहा है, साथ ही विभाग का तर्क है कि यह कुछ दौर होता है कि जब इन्हें अकेले में रखा जाता है,

इसी के साथ ऐसे में शेर अपने आसपास किसी की भी मौजूदगी पंसद नहीं करते, यदि ऐसा की जाए तो यह बेहद आक्रामक हो जाते है।

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