राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज अस्पताल टांडा में स्वास्थ्य व्यवस्था की उडी धज्जिया

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हिमाचल प्रदेश के जिला काँगड़ा में स्तिथ राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज अस्पताल टांडा में चरमराई व्यवस्था और बिगड़े हालातों से मरीजों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, प्राप्त जानकारी के अनुसार

बताया जा रहा है की टांडा अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन पिछले 04 हफ्तों से खराब पड़ी है, इसके चलते सैकड़ों मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, तथा अभी तक इस को ठीक नहीं करवाया गया है।

पिछले चार हप्तो से टांडा में सीटी स्कैन मशीन खराब

इसी के साथ बता दें कि इस टांडा अस्पताल में रोजाना 30 से 40 मरीजों का सीटी स्कैन होता है। जो पिछले चार हप्तो से नहीं हो पा रहा है, ऐसे में करीब 1,000 मरीजों को सीटी स्कैन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

तथा उन्हें बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, यहां सीटी स्कैन महज 1000 रुपए में होता है, जबकि निजी अस्पतालों में यह राशि कई गुना अधिक हो

जाती है, इस लिए कई लोगो को इस के लिए बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

करीब 01 सप्ताह से यहां एमआरआई टेस्ट भी नहीं हो पा रहे

इसी के साथ बताया जा रहा है की अब मरीजों को अब अधिक परेशानी हो रही है, मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि रेडियोग्राफर न होने की वजह से करीब 01 सप्ताह से यहां एमआरआई टेस्ट भी नहीं हो पा

रहे हैं, जिस बजह से मरीज और उन के परिजन बहुत ही परेशान है, इसके अलावा यहां रेडियोग्राफी, मैमोग्राफी, दांत के एक्स-रे सहित कई जरूरी टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं।

शिमला के आईजीएमसी में रेडियोग्राफर की 26 पोस्ट पर मात्र 07 पदों से काम चलाया जा रहा काम

इस टांडा अस्पताल में रेडियोग्राफर मौजूद नहीं है, साथ ही बताया जा रहा है की शिमला के आईजीएमसी में रेडियोग्राफर की 26 पोस्ट हैं, लेकिन यहां मात्र 07 पदों से काम चलाया जा रहा है,

इसी के साथ उनमें से भी कुछ या तो कोविड ड्यूटी पर हैं या फिर कोई छुट्टी पर जिस बजह से प्रदेश की जनता को बहुत सी दिक्क्तों का सामना करना पड़ रहा है।

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