अटल टनल में सोनिया गांधी की शिलान्यास पट्टिका हटाए जाने के विरोध में धरना-प्रदर्शन

rohtang tnal

हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल स्पीती में अटल टनल में सोनिया गांधी की शिलान्यास पट्टिका हटाए जाने के विरोध में धरना-प्रदर्शन कर रहे है, कांग्रेस के कार्यकर्ता यह आंदोलन जनजातीय जिला लाहौल में भी जारी है,

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है, हिमाचल प्रदेश के जिला लाहुल-स्पीति कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दोटूक शब्दों में प्रशासन व सरकार को चेतावनी दी है।

2010 में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा अटल टनल का शिलान्यास किया गया था

इसी के साथ बताया जा रहा है कि अगर 13 नवंबर तक अटल टनल के साउथ पोर्टल पर शिलान्यास पट्टिका स्थापित नहीं की गई तो कांग्रेस कार्यकर्ता हिमाचल प्रदेश भर में जहां आंदोलन तेज कर देंगे।

वहीं सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन भी करेंगे, इसी के साथ इस पर वर्ष 2010 में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा अटल टनल का शिलान्यास किया गया था।

10 वर्ष बाद जहां टनल देश को समर्पित की गई

बताया जा रहा है की ऐसे में 10 वर्ष बाद जहां टनल देश को समर्पित की गई है, वहीं टनल के उद्घाटन के दौरान लाहुल-स्पीति कांग्रेस द्वारा इस बात का खुलासा

किया गया कि अटल टनल की शिलान्यास पट्टिका को गायब कर दिया गया है। जिसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई तथा अब धरना प्रदर्शन कर रहे है।

कंस्ट्रक्शन कंपनी ने ही सुरक्षित तौर पर अपने स्टोर में रखा

इसी के साथ जानकारी के अनुसार ऐसे में पुलिस ने मामले की जांच करते हुए जहां यह कहा कि अटल टनल की शिलान्यास पट्टिका को टनल का निर्माण कर रही है, उसी के साथ कंस्ट्रक्शन कंपनी ने ही सुरक्षित तौर पर अपने स्टोर में रखा है।

साथ ही बताया जा रहा है की लिहाजा कांग्रेस ने इस शिलान्यास पट्टिका को दोबारा स्थापित करने को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है अभी तक इस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।

इस संबंध में सड़कों पर उतर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया

इसी के साथ ऐसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जहां इस संबंध में सड़कों पर उतर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया साथ ही वहीं 06 नवंबर को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर के नेत्तृत्व में लाहुल-स्पीति कांग्रेस ने केलांग में

प्रदर्शन किया और शिलान्यास पट्टिका को पुनः स्थापित करने की मांग की है, इसी के साथ यह कहा जा रहा है की यदि 13 नवंबर के बाद भी पट्टिका स्थापित नहीं की जाती है, तो दिवाली के बाद प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

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