भारत मूल के डा. गौरव शर्मा ने संस्कृत में ली न्यूजीलैंड की संसद में पद की शपथ

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हिमाचल प्रदेश तथा भारत मूल के पहले सांसद बनने का गौरव हासिल कर चुके प्रदेश के जिला हमीरपुर के डा. गौरव शर्मा ने बुधवार को देश और प्रदेश के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है, प्राप्त जानकारी के

अनुसार बताया जा रहा है की न्यूजीलैंड की संसद में पद एवं गोपनीयता की शपथ ले रहे सांसदों में से जब डा. गौरव शर्मा का नंबर आया है।

डा. गौरव शर्मा ने संस्कृत भाषा में यह शपथ लेकर सब को हैरान कर दिया

इसी के साथ बताया जा रहा है की डा. गौरव शर्मा ने संस्कृत भाषा में यह शपथ लेकर सब को हैरान कर दिया है, इसी के साथ दरअसल डा. गौरव शर्मा ने संस्कृत भाषा में शपथ ग्रहण कर सभी को यह संदेश देने का प्रयास

किया कि चाहे हमारी कर्मभूमि कहीं भी हो, लेकिन हमारी संस्कृति और सभ्यता कभी हमसे दूर नहीं होनी चाहिए तथा वो अपनी कला और संस्कृति को भी भी नहीं बुला सकते।

हमीरपुर के हड़ेटा के गिरधर शर्मा के पुत्र डा. गौरव शर्मा अक्तूबर माह में न्यूजीलैंड में लेबर पार्टी के मेंबर ऑफ पार्लियमेंट चुने गए

इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की उनके शपथ लेते ही न्यूजीलैंड की सारी संसद तालियों से गूंज उठी, साथ ही बता दें कि हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर के हड़ेटा के गिरधर शर्मा के पुत्र डा.

गौरव शर्मा अक्तूबर माह में न्यूजीलैंड में लेबर पार्टी के मेंबर ऑफ पार्लियमेंट चुने गए हैं, साथ ही उन्होंने न्यूजीलैंड के हमील्टन वेस्ट से चुनाव लड़ते हुए नेशनल पार्टी के प्रत्याशी को हराया था।

इसी के साथ 33 वर्षीय डा. गौरव शर्मा 4,386 वोटों के मार्जिन से विजयी हुए थे

इसी के साथ करीब एक माह के अंतराल के बाद न्यूजीलैंड की संसद में शपथ ग्रहण समारोह हुआ है, जहां अन्य सांसदों के साथ डा. गौरव शर्मा ने भी शपथ ग्रहण की है, इसी के साथ 33 वर्षीय डा. गौरव शर्मा 4,386 वोटों के मार्जिन से विजयी हुए थे।

इसी के साथ बताया जा रहा है की जीत के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा था कि यह उनकी जीत प्रचार का अंत नहीं है, बल्कि यह एक शुरुआत है, उन वादों को

पूरे करने की जो उन्होंने जनता से किए हैं, तथा वो जनता की हर कड़ी पर खरा उतरेंगे।

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