हिमाचल में सीजन की बर्फबारी के एक हफ्ते के बाद ही पर्वतीय इलाकों की झीलें जम गई

lake in himachal pradesh

हिमाचल प्रदेश में हुई इस सीजन की बर्फबारी के एक हफ्ते के बाद ही पर्वतीय इलाकों की झीलें जम गई हैं, प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की जिला चंबा के धार्मिक स्थान मणिमहेश में पवित्र डल झील पूरी तरह जम चुकी है।

समुद्र तल से 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित

इसी के साथ समुद्र तल से 13,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित झील के चारों और सफेद बर्फ की चादर बिछ गई है इसी के साथ बताया जा रहा है की इसके अलावा

लाहौल-स्पीति जिले की चंद्रताल और सूरजताल झीलों को भी यही हाल यह भी बर्फबारी की बजह से पूरी तरह से जम गयी है।

लाहौल घाटी का न्यूनतम तापमान माइनस 5.6 डिग्री तक पहुंचा

इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की इस बर्फबारी होने के कारण यहां की झीलें भी बर्फ की मोटी परत में तबदील हो चुकी हैं, इसी के साथ नवंबर के शुरुआत में ही झीलों का ऐसा नजारा देखते ही बन रहा है साथ ही लाहौल

घाटी का न्यूनतम तापमान माइनस 5.6 डिग्री तक पहुंच चुका है, इसी के साथ इन इलाके में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

बर्ग से पूरी तरह से डक्क गए है मणिमहेश झील

साथ ही हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बीते दिनों हुई बर्फबारी की बजह से सुंदरासी के ग्लेशियर प्वाइंट से लेकर डलझील तक के ढाई किलोमीटर

मार्ग पर गिरी बर्फ पर चलकर ही पवित्र डल झील तक पहुंचा जा सकता है। साथ ही यह रास्ता बेहद जोखिम भरा है।

हिमाचसल प्रदेश की अन्य उच्च क्षेत्रो वाली झीले भी जमी

इसी के साथ बताया जा रहा है की प्रदेश में वर्ष अगस्त-सितंबर में मणिमहेश यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्त पवित्र डल झील में डूबकी लगाकर पुण्य कमाते हैं इसी के साथ इस वर्ष कोविड़-19 के चलते यात्रा का बड़े स्तर

पर आयोजन नहीं हो पाया है साथ ही ऐसे में वर्तमान समय में पवित्र मणिमहेश डल झील अब बर्फ की चादर बन चुकी है जो एक अभूत ही खजुबूसरत नजारा प्रस्तुत कर रही है।

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