RTI कार्यकर्ता को जनहित की सूचना मागंना पड़ गया महंगा

HIMACHAL PRADESH

हिमाचल प्रदेश में आरटीआई के एक कार्यकर्ता को जनहित की सूचना बहुत महंगी पड़ गए प्राप्त जानकारी के अँसुअर बताया जा रहा है की प्रदेश भर में फैले कोरोना

वायरस पर सीएम कोविड फंड की सूचना मांगी तो सचिवालय प्रशासन ने 27 हजार रुपये की फीस मांग ली इसी के साथ बताया जा रहा है की पेपरलेस होने का दंभ

भरने वाले हिमाचल प्रदेश के सरकारी विभागों ने डिजिटल फॉर्म में देने की जहमत नहीं उठाई है, इसी के साथ बताया जा रहा है की प्रदेश पेपरलेस होने को कई

पुरस्कार लिए जा चुके हैं, इसी के साथ साढ़े 13 हजार रुपये पेज देने के लिए 27 हजार रुपये की फीस मांगी है।

शिमला निवासी रवि कुमार ने

इसी के साथ राजधानी शिमला निवासी रवि कुमार ने इस संबंध में मुख्य सचिव कार्यालय से एक सूचना की मांग की है, इसी के साथ बताया जा रहा ही की उन्होंने जानकारी मांगी कि कोविड काल में मुख्यमंत्री कोविड फंड का पैसा जहां-जहां खर्च किया गया है।

कार्यालय ने इस पत्र को आगे आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को भेजा

उस की पूरी जानकारी दी जाए, इसी के साथ उसके बारे में जानकारी दी जाए साथ ही उन्होंने यह भी कहा की मुख्य सचिव कार्यालय ने इस पत्र को आगे आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को भेजा।

इसी के साथ आपदा प्रबंधन सेल के अनुभाग अधिकारी और जनसूचना अधिकारी ने पत्र भेजा कि इस की पूरी सूचना 13 हजार 500 पृष्ठों की है, साथ ही जनसूचना अधिकारी ने रवि कुमार को पत्र भेजकर कहा कि यह सूचना 27 हजार रुपये में दिलाई जा रही है।

सूचना पेपर में देने के बजाय पैन ड्राइव या डीवीडी से दी जाए

इसी के साथ बताया जा रहा है की इसके लिए यहं फीस जमा कर लें। इस पर रवि कुमार ने राज्य सूचना आयोग में शिकायत की है कि उन्होंने कुछ और सूचना मांगी थी,

जबकि दी कुछ और ही जा रही है, इसी के साथ उन्हें यह सूचना पेपर में देने के बजाय पैन ड्राइव या डीवीडी से दी जाए, जिस से वो उसे आसानी से देख सके।

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