ऊना में स्कूल लगने के दूसरे दिन सबसे ज्यादा 80 प्रतिशत छात्र पहुंचे स्कूल

corona in himachal

हिमाचल प्रदेश में फैले कोरोना संक्रमण के बीच हिमाचल के ऊना जिला में स्कूल लगने के दूसरे दिन सबसे ज्यादा 80 प्रतिशत छात्र स्कूल में पहुंचे है, प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की इसके साथ ही ऊना में भी सबसे ज्यादा 40 प्रतिशत छात्रों की हाजिरी कालेज में रिकार्ड की गई है, इसी के साथ बताया जा रहा है की ऑल हिमाचल प्रदेश के स्कूल कालेजों में छात्रों की संख्या देखें, तो स्कूल में दूसरे दिन भी 30 प्रतिशत छात्र ही आए है।

130 कालेजों में मात्र 20 प्रतिशत तक छात्रों की हाजिरी दूसरे दिन दर्ज की गई

इसी के साथ 130 कालेजों में मात्र 20 प्रतिशत तक छात्रों की हाजिरी दूसरे दिन दर्ज की गई है, इसी के साथ बताया जा रहा है की सोमवार को पहले दिन शिक्षा विभाग ने दावा किया था कि कालेज में 50 प्रतिशत छात्रों ने पहले दिन हाजिरी भरी थी।

कोरोना वायरस की बजह से छात्रों के अभिवावक छात्रों को अभी स्कूलों नहीं भेजना चाहते

हिमाचल प्रदेश में फैले कोरोना वायरस की बजह से छात्रों के अभिवावक छात्रों को अभी स्कूलों नहीं भेजना चाहते है। इसी के साथ दूसरे दिन भी प्रदेश के स्कूल, कालेजों में जिस तरह से छात्रों की संख्या फिर से घटी, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है था कि अभिभावकों में अभी भी कोरोना को लेकर भय है।

07 माह बाद जब स्कूल-कालेज खुलें

इसी के साथ बताया जा रहा है की यही वजह है कि सहमति पत्र के साथ अभिभावक छात्रों को भेजना नहीं चाहते है, साथ ही फिलहाल 07 माह बाद जब स्कूल-कालेज खुलेंगे, साथ ही यहां महौल बहुत ही अलग देखने को मिल रहा है, जिस बजह से छात्र स्कूल नहीं आ रहे है।

सोशल डिस्टेंस में रहे छात्र अपने दोस्तों से दूरी बनाकर ही समय व्यतीत कर रहे

इसी के साथ बताया जा रहा है की स्कूल-कालेजों में सोशल डिस्टेंस में रहे छात्र अपने दोस्तों से दूरी बनाकर ही समय व्यतीत कर रहे हैं साथ ही इसके साथ ही गेट पर ही थर्मल स्कैनिंग के बाद छात्रों व शिक्षकों को अंदर आने की परमिशन दी जा रही है साथ ही बता दें कि हिमाचल प्रदेश में कोविड का डर अभी भी कम नहीं हुआ है। साथ ही हिमाचल प्रदेश सरकार के आदेशों के बाद ही स्कूल तो खुले, लेकिन स्कूलों में बच्चे बेहद कम दिखने को मिल रहे है।

शिक्षक बसों आदि में सफर कर के स्कूलों को आते

अभिभावकों को बच्चों की चिंता सता रही है, तथा वो अपने बच्चो को इस वायरस से से सुरक्षित रखना चाहते है। इसी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अभिभावकों का कहना है कि भले ही स्कूलों में प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है, लेकिन सभी शिक्षक बसों आदि में सफर कर के स्कूलों को आते हैं। ऐसे में हर समय में कोविड के संक्रमण का खतरा बच्चों के लिए बना हुआ है जिस बजह से अभिवावक डरे हुए है।

कर्मचारियों के लिए थर्मल स्कैनिंग के बाद ही एंट्री रखी गई

इसी के साथ सोमवार को स्कूल खुलने से पहले सभी स्कूलों को सही तरीके से सेनेटाइज किया गया था। शिक्षकों से लेकर सभी कर्मचारियों के लिए थर्मल स्कैनिंग के बाद ही एंट्री रखी गई थी, लेकिन उसके बाद भी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं है।

शायद इसी का परिणाम है कि सरकार के निर्देशों के बाद भी हिमाचल प्रदेश के स्कूलों छात्रों की हाजिरी अपेक्षाकृत कम दर्ज की जा रही है तथा स्कूलों में छात्र कम पहुंच रहे है ।

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