पाकिस्तान में निर्यात बंद होने की बजह से इस बार हिमाचली अदरक के दाम लुढ़के

हिमाचल प्रदेश तथा असम और बंगलूरू में लॉकडाउन के दौरान हुई अदरक की बंपर फसल से इस बार हिमाचली अदरक का निर्यात बांग्लादेश को नहीं हो पाया है, प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की जिससे हिमाचली अदरक के दाम 75 फीसदी गिर गए।

सिरमौर जिले के किसानों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा

इससे हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अदरक उत्पादक सिरमौर जिले के किसानों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है, इसी के साथ बांग्लादेश ने अदरक की जरूरत

असम से पूरी कर ली है, इसी के साथ बिगड़ते संबंधों के चलते पाकिस्तान को पहले से ही अदरक निर्यात नहीं किया जा रहा है।

प्रदेश का अदरक इन दिनों 2,500 से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रहा

हिमाचल प्रदेश का अदरक इन दिनों 2,500 से 3,000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रहा है, इसी के साथ बताया जा रहा है की पिछले वर्ष यह कीमत लगभग 06 हजार रुपये प्रति क्विंटल थी, इसी के साथ पिछले वर्ष

की तुलना में इस वर्ष अदरक के दाम 75 फीसदी तक गिरे हैं, हिमाचल प्रदेश में सिरमौर और सोलन में बड़े पैमाने पर अदरक उत्पादन होता है।

हिमाचल के जिला सिरमौर के पच्छाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अदरक तैयार होता

इसी के साथ इस बार अदरक के कम दाम मिलने से किसान अपने बीज के पैसे भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं, साथ ही बताया जा रहा है की हिमाचल के जिला सिरमौर के पच्छाद क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अदरक तैयार होता है।

इसी के साथ इस बार लॉकडाउन के कारण अधिकतर परिवारों के सदस्य घर पर थे और लोगों ने ज्यादा अदरक उगाया, लेकिन दाम गिरने से किसानों पर आर्थिक संकट आ गया है।

हिमाचल प्रदेश के अलावा असम और बंगलूरू में अदरक की बंपर पैदावार हुई

इस साल हिमाचल प्रदेश के अलावा असम और बंगलूरू में अदरक की बंपर पैदावार हुई है, इसी के साथ उस पर पाकिस्तान और बंगलादेश को अदरक निर्यात नहीं

हुआ है, जिस बजह से दाम गिरे हैं, साथ ही आढ़ती राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि असम में लॉकडाउन के दौरान इस बार ज्यादा उत्पादन हुआ है।

इसी के साथ बांग्लादेश के लिए अब असम का ही अदरक काफी हो गया है, इसलिए वहां सप्लाई बंद हो गयी है, जबकि पाकिस्तान से । लगातार बिगड़ते संबंधों के चलते आयात-निर्यात पहले से ही बंद है जिस बजह से निर्यात बंद है।

Himachali ginger prices dropped this time due to the stoppage of export in Pakistan

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