हिमाचल में अब घरों में फर्श पर बिछने वाली टाइलों से भी बिजली तैयार की जायेगी

bijali in himacal

हिमाचल प्रदेश में अब घरों में फर्श पर बिछने वाली टाइलों से भी बिजली तैयार की जायेगी, प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है, की प्रदेश में सड़कों में तारकोल के नीचे टाइलें बिछाने के बाद मार्ग पर दौड़ने वाले

वाहनों से बिजली बनेगी, साथ ही जिससे सिग्नल जगमग होंगे, इसी के साथ बताया जा रहा हैं कि यह संभव होगा की पीजोइलेक्ट्रिक सामग्री के उपयोग से, जिसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी के शोधकर्ताओं ने ईजाद किया है।

यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में तबदील करेगा

जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की इसे सतह से नीचे बिछाया जाएगा, साथ ही यह यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में तबदील करेगा, जिस से बहुत से लाभ मिल पाएंगे,

साथ ही यह सामग्रियां स्ट्रेस पड़ने पर विद्युत उत्पादन बढ़ा देंगी, साथ ही इनके शोध परिणाम इंजीनियरिंग रिपोर्ट्स नामक जर्नल में प्रकाशित किए गए हैं।

आईआईटी मंडी के पूर्व छात्र डॉ. अनुरुद्ध कुमार ने भी काम किया इस योजना में

इसी के साथ शोधपत्र में सह-लेखक रिसर्च स्कॉलर राज किरण के अलावा सौरव शर्मा के साथ आईआईटी मंडी के पूर्व छात्र डॉ. अनुरुद्ध कुमार ने भी काम किया है, इसी के साथ यह भी कहा जा रहा है की शोधार्थियों ने एक ग्रेडेड नामक तकनीक विकसित की है।

पीजोइलेक्ट्रिक सामग्री का आउटपुट 100 गुना से अधिक बढ़ सकता है

जिससे पीजोइलेक्ट्रिक सामग्री का आउटपुट 100 गुना से अधिक बढ़ सकता है, जो बहुत ही लबकरी साबित हो सकता है, इसी के साथ विद्युत उत्पादन बहुत बढ़ाने के लिए संख्यात्मक तकनीकों की मदद से विभिन्न यांत्रिक तनावों का उपयोग किया है।

वर्तमान में ग्रेडेड पोलिंग का व्यावहारिक उपयोग चुनौतीपूर्ण

साथ ही वर्तमान में ग्रेडेड पोलिंग का व्यावहारिक उपयोग चुनौतीपूर्ण है, इसी के साथ यह भी कहा जा रहा है की पीजोइलेक्ट्रिक सामग्री विद्युत ऊर्जा में यांत्रिक गति भी उत्पन्न कर सकती है।

इसी के साथ हिमाचल प्रदेश में इस तरह मेकेनिकल को इलेक्ट्रिकल एनर्जी में बदलने की की क्षमता बढ़ने से इंजीनियरिंग के उपयोगों में काम आ सकती है, साथ ही इससे जैसे कंपन और शोर कम करना आसान होगा।

अत्याधुनिक तकनीकी उपयोग भी होंगे

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की इससे अत्याधुनिक तकनीकी उपयोग भी होंगे, इसी के साथ ही जैसे कि अंतरिक्ष में उपग्रह के एंटीना को सही जगह रखना और संचालन करना, इस योजना से सड़को के नीचे से बिजली पैदा की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *