महिलाओं के प्रति पतियों की घरेलू हिंसा की वारदातें कुछ सालों में बहुत ही बढ़ गईं

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हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ समय से शादीशुदा महिलाओं के प्रति पतियों की घरेलू हिंसा की वारदातें कुछ सालों में बहुत ही बढ़ गईं हैं, इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की हालांकि कुछ अन्य

तरह की घरेलू हिंसाओं में शहरी और ग्रामीण स्तर पर कमी भी आई है,इसी के साथ हिमाचल प्रदेश में औसतन हर तीसरा आदमी शराब और तंबाकू का सेवन करता है।

(एनएफएचएस) के आंकड़ों पर गौर करें तो ऐसे खुलासे हालिया रिपोर्ट में मिलते हैं

इसी के साथ बताया जा रहा है की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के हर 05 साल पर जारी होने वाले नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (एनएफएचएस) के आंकड़ों पर गौर करें तो ऐसे खुलासे हालिया रिपोर्ट में मिलते हैं।

इसी के साथ बताया जा रहा है की इस के तहत यह बात सामने आई है की प्रदेश में ज्यादा तर झगड़े और लड़ाईया शराब सेवन करने की बजह से हुई है।

शहरी इलाकों में जहां 6 फीसदी महिलाओं ने बताया कि उनके पतियों ने उनसे हिंसा की

इसी के साथ बताया जा रहा है की हिमाचल प्रदेश में नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक 18 से 49 साल की शादीशुदा महिलाओं पर उनके पतियों ने किसी न किसी तरह की हिंसा की है, साथ ही बताया जा रहा है

की शहरी इलाकों में जहां 6 फीसदी महिलाओं ने बताया कि उनके पतियों ने उनसे हिंसा की है, वहीं ग्रामीण इलाकों में ऐसी घटनाएं 8.7 फीसदी रहीं, यानी शहरों के मुकाबले गांवों में हिंसा ज्यादा दिखी है।

ऐसी हिंसा के मामलों में प्रदेश में औसतन आंकड़ा 8.3 फीसदी रहा

इसी के साथ बताया जा रहा है की हिमाचल प्रदेश कुल मिलाकर ऐसी हिंसा के मामलों में प्रदेश में औसतन आंकड़ा 8.3 फीसदी रहा,

इसी के साथ बताया जा जो 05 साल पहले जारी हुए नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों से बढ़ा हुआ है।, इसी के साथ 2015-16 के आंकड़ों के मुताबिक ऐसी घटनाओं का प्रतिशत 5.9 ही था, जो अब बढ़ गया है।

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