कोरोना काल में निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों की नियुक्ति प्रक्रिया भी जांचने का काम शुरू

private school in himachal

हिमाचल प्रदेश में फैले कोरोना संकट में निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों की नियुक्ति प्रक्रिया भी जांचने का काम शुरू हो गया है, प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की हिमाचल प्रदेश में राज्य निजी शिक्षण नियामक

आयोग ने सभी डिग्री, तकनीकी और मेडिकल कॉलेजों से 15 दिसंबर तक रिकॉर्ड मांगा है, इसी के साथ बताया जा रहा है की प्रिंसिपलों की शैक्षणिक योग्यता की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं।

निजी विश्वविद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों का रिकॉर्ड खंगालने का काम भी शुरू हो गया

इसी के साथ बताया जा रहा है की निजी विश्वविद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों का रिकॉर्ड खंगालने का काम भी शुरू हो गया है, हिमाचल प्रदेश में निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग का गठन होने के बाद पहली बार

कुलपतियों के साथ प्रिंसिपलों और शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की जा रही है, साथ ही बीते 10 वर्षों के दौरान खुले निजी शिक्षण संस्थानों से कभी पड़ताल नहीं हुई है।

16 निजी विश्वविद्यालयों में से 10 विवि के कुलपति अयोग्य पाए गए

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की आयोग की इस कार्रवाई से कई निजी संस्थानों में हड़कंप मच गयी है, इसी के साथ हिमाचल प्रदेश में चल रहे 16 निजी विश्वविद्यालयों में से 10 विवि के कुलपति अयोग्य पाए गए हैं, जिन के पास उपयुक्त योग्यता नहीं है।

आयोग ने निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों पर शिकंजा कसना शुरू किया

इसी के साथ बताया जा रहा है की यह जांच पूरा करने के बाद अब आयोग ने निजी कॉलेजों के प्रिंसिपलों पर शिकंजा कसना शुरू किया है, इसी के साथ आयोग ने

सभी निजी कॉलेजों को पत्र जारी कर प्रिंसिपलों से संबंधित रिकॉर्ड मांगा है, साथ ही यह भी कहा जा रहा है की रिकॉर्ड की जांच को जल्द आयोग एक कमेटी का गठन करेगा।

आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने जानकारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक ने बताया कि निजी शिक्षण संस्थानों में गुणात्मक शिक्षा मिले, इसी के साथ इसके लिए प्रिंसिपलों और शिक्षकों का

प्रिंसिपलों की नियुक्ति प्रक्रिया और उनकी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित सारा रिकॉर्ड तलब किया

योग्य होना बहुत ही जरूरी है, साथ ही इसके चलते आयोग ने प्रिंसिपलों की नियुक्ति प्रक्रिया और उनकी शैक्षणिक योग्यता से संबंधित सारा रिकॉर्ड तलब किया है, जिस में बहुत से ऐसे मिले है, जिन के पास उपयुक्त योग्यता नहीं है।

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