कोरोना वायरस ने ली हिमाचल के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. नवल किशोर की जान

corona virus in himachal

हिमाचल प्रदेश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की बजह से हिमाचल के एक प्रतिभाशाली वैज्ञानिक को असमय छीन लिया है, प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की कृषि विश्वविद्यालय से शिक्षित और

बजौरा स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में तैनात रहे तथा अपनी सेवाएं दे चुके वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. नवल किशोर का निधन इस वायरस की बजह से मौत हो गयी है।

पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय से प्लांट ब्रीडिंग एंड जेनेटिक्स में पीएचडी की थी

इसी के साथ बताया जा रहा है की हिमाचल प्रदेश के मूलरूप से सुजानपुर टीहरा क्षेत्र के निवासी 48 वर्षीय डा. नवल किशोर ने पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय से प्लांट ब्रीडिंग एंड जेनेटिक्स में पीएचडी करने के बाद

2006 में नौकरी शुरू की थी, इसी के साथ डा. नवल किशोर लंबे समय से गेहूं व जौं के अनुसंधान कार्य में जुटे थे और इस क्षेत्र में उन्होंने बेहतरीन काम किया था, जिस बजह से प्रदेश में उन्होंने अपनी पहचान बनाई है।

सुजानपुर टीरा के डा. नवल अमरीका भी गए थे

प्राप्त जानकारी के अनुसार इस संदर्भ में उन्होंने जापान का दौरा भी किया था, इसी के साथ यह भी कहा जा रहा है की सुजानपुर टीरा के डा. नवल अमरीका

भी गए थे और उनको नार्मन ई-बोरलोग फैलोशिप भी प्रदान की गई थी, साथ ही डा. नवल की असमय मौत से हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय व उनके सहयोगी वैज्ञानिक बेहद दुखी हैं।

सहयोगियों ने डा. नवल की मृत्यु पर गहरा दुख प्रकट किया

साथ ही प्रदेश में एग्रीकल्चरल साइंटिस्ट्स फोरम के अध्यक्ष डा. प्रदीप कुमार और सहयोगियों ने डा. नवल की मृत्यु पर गहरा दुख प्रकट किया है, इसी के

साथ हिमाचल प्रदेश के कृषि विवि के कुलपति प्रो. हरिंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि डा. नवल ईमानदार, मेहनती, कर्तव्यनिष्ठ और प्रतिभाशाली वैज्ञानिक थे।

उनके सराहनीय अनुसंधान कार्यों को कभी नहीं भूला पाएंगे

इसी के साथ उन्होंने कहा की वैज्ञानिक व पर्वतीय क्षेत्रों के किसान गेहूं व जौं को लेकर किए गए उनके सराहनीय अनुसंधान कार्यों को कभी नहीं भूला

पाएंगे, जिस बजह से प्रदेश में और अन्य राज्यों में किसानो और बागवानों को वेहद लाभ पहुंचा है।

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