ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ अन्य कई विभाग किये शामिल

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रदेश में फेल रहे ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ साथ जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के अलावा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों के भी क्षेत्राधिकार निर्धारित कर दिए हैं, इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की हिमाचल प्रदेश में पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार हिमाचल प्रदेश में जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, SDM, तहसीलदार, SP, ASP, DSP और संबंधित थाने के एसएचओ अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले रिहायशी, व्यवसायिक, साइलेंस जोन, धार्मिक स्थान के अलावा औद्योगिक इकाइयों और वाहनों के ध्वनि प्रदूषण पर कार्रवाई कर सकेंगे, इसका अहम कारण प्रदेश में फेल रहे वायु प्रदूषण को रोकना है।

परिवहन अधिकारी (RTO) वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण की निगरानी कर कार्रवाई करेंगे

इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण की निगरानी कर कार्रवाई करेंगे, साथ ही इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व्यवसायिक व औद्योगिक इकाइयों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण पर कार्रवाई करेगा, ताकि प्रदूषण को फैलने से रोका जा सके।

सरकार ने प्रदेश के अन्य कई विभागों को इस का जिम्मा दे दिया

इसके साथ ही बताया जा रहा है की हिमाचल प्रदेश में प्रधान सचिव पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी कमलेश कुमार पंत की ओर से इस अधिसूचना के जारी होने के बाद ध्वनि प्रदूषण पर निगरानी करने और शिकायतों पर कार्रवाई करने में भी आसानी होगी साथ ही अभी तक सिर्फ राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ही ध्वनि प्रदूषण की निगरानी करता था, मगर अब सरकार ने प्रदेश के अन्य कई विभागों को इस का जिम्मा दे दिया है।

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