प्रदेश में हर 05 किलोमीटर के दायरे में बनाया जाएगा मिडल और प्राथमिक स्कूलों का क्लस्टर

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हिमाचल प्रदेश में हर 05 किलोमीटर के दायरे में एक वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के आसपास स्थित सभी सरकारी उच्च स्कूलों के साथ मिडल और प्राथमिक स्कूलों का क्लस्टर बनाया जाएगा।

इसके साथ ही प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से यह व्यवस्था लागू की जाएगी।

सरकार से मंजूरी के बाद स्कूल क्लस्टरों को अधिसूचित किया जाएगा

इसके साथ ही बताया जा रहा है की उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलाें से 15 मार्च तक क्लस्टर स्कूलों की सूची मांगी है तथा सरकार से मंजूरी के बाद स्कूल क्लस्टरों को अधिसूचित किया जाएगा,

साथ ही बताया जा रहा है की स्कूलों के आसपास में परस्पर सहयोग, संसाधनों के साझाकरण को राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूल क्लस्टर बनाने का प्रावधान किया गया है।

04 से 12 स्कूलों को जोड़कर एक स्कूल क्लस्टर बनाया जाएगा

जानकारी के अनुसार कहा जा रहा है की इसी कड़ी में सरकार ने स्कूल क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू की है तथा 04 से 12 स्कूलों को जोड़कर एक स्कूल क्लस्टर बनाया जाएगा, साथ ही कहा जा रहा है की इन स्कूलों में

शिक्षकों की कमी की समस्या भी दूर हो जाएगी तथा शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में क्लस्टर से शिक्षक भेजे जाएंगे, जिस से छात्रों को उचित शिक्षा मिल पाएगी।

कंप्यूटर की शिक्षा और विषय से संबंधित शिक्षकों का आदान-प्रदान करना संभव होगा

इसी के साथ कहा जा रहा है की हिमाचल प्रदेश में स्कूल क्लस्टर बनाने से स्कूलों की कला, संगीत, खेल, व्यवसायिक विषयों, कंप्यूटर की शिक्षा और विषय से संबंधित शिक्षकों का आदान-प्रदान करना संभव होगा,

साथ ही बताया जा रहा है की हिमाचल प्रदेश में पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, खेल के मैदान, खेल उपकरण जैसी सुविधाएं साझा रूप से प्रयोग की जा सकेंगी।

कला और विज्ञान प्रदर्शनियां, नाटक, एकांकी की संयुक्त तैयारी और प्रदर्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार कहा जा रहा है की हिमाचल प्रदेश में शिक्षण अधिगम सामग्री के साझाकरण, संयुक्त सामग्री निर्माण, ICT के माध्यम से वर्चुअल

कक्षाओं का आयोजन, खेल गतिविधियां, प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद, भाषण प्रतियोगिता, कला और विज्ञान प्रदर्शनियां, नाटक, एकांकी की संयुक्त तैयारी और प्रदर्शन सुगम होगा।

स्कूल के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा

साथ ही बताया जा रहा है की यदि कोई स्कूल भौगोलिक कारणों से बहुत ही अलग-थलग है तो उसे क्लस्टर में शामिल करना अनिवार्य नहीं होगा, साथ ही उस स्कूल

के शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, साथ ही कहा जा रहा है की 01 क्लस्टर स्कूल में विद्यार्थियों और स्कूलों की संख्या स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है।

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