सरकार ने अब सरकारी अस्पतालों के लिए लोकल कंपनियों से दवा की खरीद पर लगाई रोक

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हिमाचल प्रदेश सरकार ने अब सरकारी अस्पतालों के लिए लोकल कंपनियों से दवा की खरीद पर रोक लगा दी है, इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की दवा कंपनियों के सैंपल फेल होने पर यह निर्णय लिया गया है,

इसी के साथ कहा जा रहा है की विधायक रामलाल ठाकुर, लखविंद्र सिंह राणा और रमेश चंद ध्वाला के लिखित सवालों के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल ने यह जानकारी सदन में दी है।

केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की 103 दवाइयों की सूची होनी

इसी के साथ कहा जा रहा है की उन्होंने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों, आयुर्वेद महाविद्यालयों और दंत चिकित्सालयों में दवाइयों की खरीद के लिए प्रक्रिया के तहत अब निविदा आमंत्रित करने के नियम बनाए गए हैं,

जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की 103 दवाइयों की सूची होनी चाहिए।

2017 से लेकर 31 जनवरी, 2020 तक 130 करोड़ 73 लाख रुपये की दवाइयों की खरीद की गई

साथ ही बताया जा रहा है की मेंटल अस्पताल के लिए 2017 से लेकर 31 जनवरी 2020 तक 18 लाख 24 हजार 741 रुपये की धनराशि से दवाइयां खरीदी गई हैं,

इसी के साथ कहा जा रहा है की जिला स्तर के अस्पतालों के लिए 2017 से लेकर 31 जनवरी, 2020 तक 130 करोड़ 73 लाख रुपये की दवाइयों की खरीद की गई।

साथ ही 17 करोड़ 44 लाख रुपये के उपकरण भी खरीदे गए,

जानकारी के अनुसार कहा जा रहा है की साथ ही 17 करोड़ 44 लाख रुपये के उपकरण भी खरीदे गए, इसी के साथ हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों के लिए

हेलीटैक्सी सेवा शुरू करने के लिए किसी भी ऑपरेटर ने रूट प्रस्तावित नहीं किए हैं तथा कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री ने

बताया कि वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में जनजातीय क्षेत्रों के मुख्यालयों किन्नौर के रिकांगपिओ, लाहौल के काजा, केलांग, तथा चम्बा के पांगी व भरमौर में नियमित हेली टैक्सी सेवा उपलब्ध करवाने का कोई विचार नहीं किया गया है।

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