हिमाचल में अब बिना मिट्टी से भी साल में कई बार फूल तैयार किए जा सकेंगे

himachal pradesh flower

हिमाचल प्रदेश तथा देश भर में अब फूलों की कमी नहीं होगी, इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार कहा जा रहा है की ट्यूलिप फूल की हर महीने जबकि लिलियम की साल में 06 बार फसल ली जा सकेगी, साथ ही सीएसआईआर (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) संस्थान पालमपुर ने शोध के बाद हाइड्रोपोनिक्स तकनीक विकसित की है।

इस प्रिक्रिया से गर्मियों में फूलों की कमी को पूरा किया जा सकेगा

इसी के साथ कहा जा रहा है की इससे बिना मिट्टी साल में कई बार फूल तैयार किए जा सकेंगे, इसी के साथ कहा जा रहा है की अभी तक लिलियम की फसल तैयार होने में 04 से 05 और ट्यूलिप फूल की फसल के लिए 03 से 04 माह का समय लगता था, इसी के साथ कहा जा रहा है की सीएसआईआर की हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से खासकर गर्मियों में फूलों की कमी को पूरा किया जा सकेगा।

सीएसआईआर में करीब 02 साल से शोध चल रहा

प्राप्त जानकारी के अनुसार कहा जा रहा है की देश में बढ़ती आबादी और कम हो रही जमीन के लिए यह तकनीक काफी कारागार साबित होगी, इसमें मिट्टी की जरूरत नहीं होगी कहा जा रहा है की यह तकनीक तैयार करने के लिए सीएसआईआर में करीब 02 साल से शोध चल रहा था, जिसके बाद इस में कामयाबी प्राप्त हुई है।

आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत किसानों की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी

इसी के साथ कहा जा रहा है की अभी नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों से फूलों के बल्ब मंगवाए जाते थे, लेकिन अब फूलों की कमी को देश में पूरा किया जा सकेगा, साथ ही संस्थान इस तकनीक का प्रशिक्षण फूल उत्पादकों को देगा तथा इससे आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत किसानों की आर्थिकी भी सुदृढ़ होगी, तथा इससे बिना मिट्टी से साल में कई बार फूल तैयार किए जा सकेंगे।

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