शिवरात्रि महोत्सव की मध्य जलेब सोमवार को प्रदेश के जिला मंडी में पूरी धूमधाम से निकाली गई

himachal pradesh mandi

हिमाचल प्रदेश तथा विश्व प्रसिद्ध स्वर्णिम अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की मध्य जलेब सोमवार को प्रदेश के जिला मंडी में पूरी धूमधाम से निकाली गई, इसी के साथ प्राप्त जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की देवी-

देवताओं ने राज माधव की अगवाई में जलेब में शिरकत की है, इसी के साथ कहा जा रहा है की देवी-देवताओं संग सैकड़ों देवुलओं ने जलेब में झूम-झूम कर नृत्य किया।

पहली जलेब के मुकाबले दूसरी जलेब में लोगों की संख्या कम रही

इसी के साथ बताया जा रहा है की दूसरी जलेब को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे है, साथ ही हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी उपायुक्त कार्यालय से लेकर महामृत्युंजय मंदिर और पड्डल मैदान तक लोगों का

जमघट लगा रहा, साथ ही हालांकि पहली जलेब के मुकाबले दूसरी जलेब में लोगों की संख्या कम रही, लेकिन इसके बाद भी लोगों में देवलुओं में खूब उत्साह देखने को मिला है।

मंडलायुक्त मंडी विकास लाबरू बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे

साथ ही वहीं दूसरी जलेब में मंडलायुक्त मंडी विकास लाबरू बतौर मुख्य अतिथि राज देवता श्री माधो राय मंदिर से पड्डल मेला ग्राउंड तक पारंपरिक ‘मध्य जलेब’ (शोभायात्रा) में शामिल रहे है, साथ ही इससे पहले उन्होंने श्री माधो राय मंदिर में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, उनकी धर्मपत्नी शैलजा लाबरू भी उनके साथ रहीं है,

ऐसे में इस महोत्स्व में बहुत से सैलानी भी मौजद रहे है जो देश भर से इस मंडी के महा शिवरात्रि महोत्सव को देकने के लिए आये है।

रियासत काल से अपने-अपने क्रम के अनुसार राजदेवता की जलेब में शामिल हुए

साथ ही दूसरी जलेब में भी पुलिस बैंड व पुलिस जवानों की टुकड़ी के बाद बाली चौकी क्षेत्र के देवता छानणू-छमाहूं की जोड़ी ढोल नगाड़ों की लय पर झूमते हुए सबसे आगे चल रही थी,

जो बेहद ही आकर्षित और लोकप्रिय थी, साथ ही इसके पश्चात सराज क्षेत्र सहित अन्य के देवता जो रियासत काल से अपने-अपने क्रम के अनुसार राजदेवता की जलेब में शामिल हुए।

कई देवी देवता हुए शामिल

जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है की इस यात्रा में शेटीनाग, मगरु महादेव छतरी, बायला नारायण, नाग चपलांदू, श्री विष्णु मतलोड़ा, पहाड़ी बजीर, हुरण नारायण, श्री देवी आंबिका, श्री बिठू नारायण, देव लक्ष्मी नारायण, श्री पशाकोट,

घड़ौनी नारायण, चुंजवाला, देवी महामाया, शेषनाग गणपति देवता, शुकदेव ऋषि शरछी, शुकदेव, सहित अन्य देवी-देवता भी शामिल हुए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *