“कलिचो पास ट्रेक” हिमाचल प्रदेश में स्तिथ एक रोमांचित और अद्भुत लोकप्रिय पर्टयक स्थल, “Kalicho Pass Trek” thrilling and amazing popular tourist spot in Chamba

हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा में स्तिथ यह खूबसूरत पास लाहौल घाटी तक पहुंचने के लिए सबसे कठिन ट्रेक में से एक के रूप में जाना जाता है, जिसे कलिचो दर्रा ट्रेक कहते है, साहसिक लोगो के लिए यह एक लोकप्रिय ट्रेक माना जाता है। इस दर्रे का नाम यहां की स्थानीय देवी भद्रकाली के नाम पर रखा गया है। इस रोमांचित पास का प्रयोग ज्यादा तर गद्दी चरवाहों द्वारा किया जाता है, जो भरमौर से लाहौल घाटी पहुंचते है, ट्रेक के कठिनाई स्तर को खड़ी ढाल द्वारा पता लगाया जाता है।

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देवी भद्रकाली से संबंदित, Related to Goddess Bhadrakali

यहां तक ​​कि सबसे अनुभवी और कुशल स्थानीय लोग इस इलाके के ग्रेड का सम्मान करते हैं। मान्यता है कि इस ट्रेक का प्रयास करने वाले को देवी भद्रकाली से अनुमति लेनी पड़ती है, जिसका मंदिर ग्राम बन्नी में बनाया गया है। यहां पूजा करने के बाद आप आप अपनी यात्रा को सुखद बना सकते हो।

भरमौर, भद्र, लेउंडी, बंसर गोथ, एलिस बेस के खूबसूरत दृश्य, Beautiful views of Bharmour, Bhadra, Lendi, Bansar Goth, Alice Bess

स्थानीय मान्यता के अनुसार देवी उन्हें आशीर्वाद देती हैं, और इस ट्रेक का प्रयास करने वाले लोगों के लिए एक उद्धारकर्ता के रूप में कार्य करती हैं। यदि किसी को पास पार करने की अनुमति नहीं मिली है, तो उन्हें अगले छह महीने बन्नी पर्वतमाला के पास बिताना होगा। इस ट्रेक की अधिकतम समुंद्रतल से ऊंचाई 4950 मीटर है और इस यात्रा को पूरा करने में कम से कम 4 दिन लग जाता हैं। यह पर्टयकों को एक व्यापक और शानदार ट्रेकिंग दौरे तक ले जाता है। मुख्य मार्ग हैं भरमौर, भद्र, लेउंडी, बंसर गोथ, एलिस बेस इत्यादि।

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प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर, Full of natural beauty

इस मार्ग को भरपूर प्रकृति ने आकर्षण दृश्यों के साथ सजाया हुआ है। तोश नाला उत्तर से आने वाले पुलगा में पर्बती नदी से मिलता है। तोश ग्लेशियर – पशु पास ट्रेक एक संकीर्ण घाटी में शुरू होता है, लेकिन जैसे ही आप ट्रेक करते हैं यह खुलता है और आप घाटी के साथ कई सुंदर घास के मैदानों में आते हैं।

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कलिचो शब्द का मतलब, The meaning of the word Kalicho

चंबा और लाहौल घाटी के बीच तीन प्रमुख मार्ग हैं; जो चोबिया पास, कुगती पास, और काली चो पास। काली चो पास, यकीनन, हिमाचल प्रदेश का सबसे कठिन दर्रा है। जो बहुत से अद्भुत खूबसूरत और आकर्षित प्रकृति के दृश्यों से भरपूर है। काली चो दो शब्दों से मिलकर बना है, देवी काली (भवानी / भद्रकाली) के लिए काली और चो का अर्थ है एक झरना। आम तौर पर इस ट्रेक की यात्रा के लिए तीन दिन से अधिक का समय लगता है लेकिन गद्दी के [चरवाहों] केवल दो दिनों में अपनी यात्रा पूरी कर लेते है।

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कलिचो पास ट्रेक आने का सही समय, Best time to visit Kalicho Pass trek

सर्दियों के समय यहां भारी मात्रा में बर्फबारी होती है, जिस बजह से यहां के सभी रास्ते बंद हो जाते है। यदि आप इस खूबसूरत ट्रेक की यात्रा करना चाहते है, तो आप के लिए यहां आने का सही समय गर्मियों के मौसम के दौरान का है, आप मई से अक्टूबर के बिच इस ट्रेक की यात्रा कार सकते है, इस दौरान यहां का मौसम बेहद शांत और सुखद होता है।

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About the Author: Anjali Chauhan