होली के पावन अवसर पर भयानक बस दुर्घटना, पलभर में मातम में बदल गईं होली

chamba bus

हिमाचल प्रदेश के जिला चम्बा में मंगवार को एक भयानक बस दुर्घटना हुई। होली के सुबह अवसर में भरमौर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर चेहली में एक हिमाचल परिवहन की एचआरटीसी बस दुर्खटना ग्रस्त हो गयी। इस हादसे से चंबा जिले में रंगों का पर्व फीका सा पड़ गया। बस में स्वार लोगों की होली की खुशियां पलभर में मातम में बदल तब्दील हो गयी।

परिवार संग खुशियां मनाने के लिए चंडीगढ़ से लौट रहे बस में बैठे सवार लोग

होली के इस पर्व की खुशियां अपने परिवार संग मनाने के लिए चंडीगढ़ से लौट रहे बस में बैठे सवार लोगों ने शायद कभी सोचा भी नहीं होगा कि बीच रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। बस में लगभग 40 लोग सवार थे। जिनमे से 05 लोगो की मौके पर ही मौत हो गयी।

देहरादून से चंबा की तरफ आ रही थी यह बस

यह बस चेहली के समीप अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे लुढ़क गई और हर तरफ चीख पुकार मच गई। हादसे का शिकार हुई बस देहरादून से चंबा की तरफ आ रही थी। जानकारी के अनुसार बस हादसे में एक बार फिर से क्रैश बैरियर की कमी खली। इस हादसे का जिम्मेवार कोई क्रैश बैरियर नहीं होने को बताया जा रहा है। जिस स्थान में ये हादसा हुआ। वहा कोई भी क्रैश बैरियर नहीं लगा हुआ था।

क्रैश बैरियर नहीं होने की बजह से हुआ यह भयानक हादसा

जिस बजह से बस अनियंत्रित हुई तो सीधे गहरी खाई में जा गिरी। लोगो का कहना है यदि जिस स्थान में यह हादसा हुआ, यदि वहा पर क्रैश बैरियर होता तो शायद इतना बड़ा हादसा होने से टल जाता। इसी के साथ हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया।

लेकिन मेडिकल कॉलेज चंबा में व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। जानकारी के अनुसार बताया गया की लगभग करीब डेढ़ घंटा एक ही चिकित्सक घायलों का उपचार करता रहा। अस्पताल में चिकित्सक की कमी भयउ नजर आयी है।

पर्याप्त एंबुलेंस भी उपलब्ध नहीं करवा सको चम्बा हॉस्पिटल

इसके साथ ही हादसे के बाद पर्याप्त एंबुलेंस उपलब्ध ना होने की बजह से यात्रियों को निजी व सरकारी वाहनों में डालकर मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया। हादसे का शिकार हुए घायल लोग करीब आधा घंटा तक वाहनों में ही तड़पते रहे और उन्हें प्राथमिक उपचार नहीं दिया जा सका। जिस बजह से उनकी हालत और भी ज्यादा गंभीर हो गयी।

Horrific bus accident on Holi’s holy occasion, Holi turned into mourning in a moment

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About the Author: Abhishek Pathania