मानव भारती विश्वविद्यालय की भर्जी डिग्रियों को चार से पांच लोग करते थे तैयार

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हिमाचल प्रदेश के में हुआ यह फर्जी डिग्रियो का मामला हाल ही में सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कहीं और नहीं मानव भारती विश्वविद्यालय में ही तैयार की जाती थीं। एसआइटी को इस बारे में पुख्ता सुबूत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के अनुसार चार से पांच लोग सुल्तानपुर में ही

विश्वविद्यालय में बैठकर एक कमरे में यह धंधा चलाते थे। जिसे वो कंप्यूटर और मशीन पर इस कार्य को करते थे। वह एसआइटी के कब्जे में आ गई है। इसी के मुताबिक संस्थान का ही स्टाफ इसमें संलिप्त रहा है। इनके तार पर किस-किस से जुड़े थे, इसका भी जल्द खुलासा होगा।

हिमाचल प्रदेश का जाली डिग्रियों का रिकॉर्ड राजस्थान के माधव विश्वविद्यालय पहुंचा

इसी के दौरान पुलिस में भी सेंध लगा रखी थी। यही कारण है कि इन्हें पुलिस कार्रवाई होने की सूचना कहीं से पहले ही मिल गई थी। इसी के दौरान धर्मपुर में (FIR) दर्ज होने से 04 दिन पहले ही कर्ताधर्ताओं को भनक लगी तो उन्होंने हिमाचल प्रदेश का जाली डिग्रियों का रिकॉर्ड राजस्थान के माधव विश्वविद्यालय पहुंचा दिया। इसके बाद मंगलवार आधी रात को हिमाचल पुलिस ने माउंटआबू में रेड की। जिस दौरान कई घंटे तक स्थानीय पुलिस ने एसआइटी को सहयोग नहीं किया।

इसी के साथ ही कार्रवाई 10 बजे आरंभ होनी थी। वो 01 बजे संभव हो सकी। जिले के संबंधित पुलिस प्रमुख ने भी रिस्पांस नहीं दिया। इसके बाद वहां के आइजी के हस्तक्षेप से एसआइटी उस जगह प्रवेश कर पाई जहां मानव भारती का रिकॉर्ड रखा हुआ था। इसी के दौरान एक क्वार्टर के कमरे में रखा हुआ था। इसमें दो कंप्यूटर भी शामिल हैं।

हिमाचल पुलिस की एसआइटी पर भी दबाव बनाया गया

इसी के साथ हिमाचल पुलिस की एसआइटी पर भी दबाव बनाया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सूत्रों के अनुसार संस्थान के कर्ताधर्ताओं ने इसमें सियासी रसूख का इस्तेमाल किया है और पुलिस से यह कहा गया है कि उसने केस दर्ज क्यों किया है। एसआइटी ने फर्जीवाड़े को लेकर कई संदिग्धों से पूछताछ की है। अभी पुलिस का फोकस और ज्यादा सुबूत जुटाने पर हैं। इसी के साथ गिरफ्तारियां का सिलसिला बाद में शुरू होगा। आरोपितों में से ज्यादातर का संबंद हरियाणा राज्य से है।

महिलाये में शामिल है इस मामले में

इसी के साथ फर्जी डिग्री तैयार करने में भी इन्हीं का हाथ है। ये संस्थान के चेयरमैन राजकुमार राणा के खास आदमी बताए जा रहे हैं। इसी के साथ फर्जीवाड़े में एक महिला की भूमिका भी संदिग्ध रही है। बताया जा रहा है की एसआइटी को सूचना मिली है कि इसी के माध्यम से डिग्रियों के बदले पैसे एकत्र किए जाते थे। दो अन्य महिलाएं भी संदेह के घेरे में हैं। और जल्द ही उन को गिरफत में ले लिया जायेगा।

Four to five people used to prepare the Bhagi degrees of Manav Bharti University

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About the Author: Aman Sandu