हिमचाल में यदि किसी व्यक्ति ने जांच के लिए किया मना तो होगी सजा

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देश भर में इस कोरोना को फैलने से रोकने के लिए सरकार सख्त कदम उठा रही है। हिमाचल प्रदेश में यदि किसी व्यक्ति ने इस बीमारी की जांच करवाने से मना किया तो उसे सजा हो सकती है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने यह नियम 12 मार्च से लागू कर दिया है।

प्रदेश सरकार ने एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के तहत एपिडेमिक डिजीज (covid-19) नियमन 2020 को लागू कर दिया है। जिसके दौरान किसी भी व्यक्ति की जांच करवाई जा सकती है और यदि उस ने मना किया तो उस पर मुकदमा चल सकता है।

हर सम्भव प्रयास क्र रहे प्रदेश सरकार इस कोरोना वायरस को लेकर

यह निर्णय विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना को महामारी घोषित करने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस संबंध में यह आदेश जारी किए थे। हिमचाल प्रदेश सरकार ने इस आदेश को प्रदेश भर में लागू कर दिया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन में इसे लागू करने की जानकारी दी।

इस दौरान उन्होंने विशेष वक्तव्य के दौरान कहा कि कोरोना वायरस से डरने की जरूरत नहीं है। बस लोगो को एहतियात बरतना जरूरी है। प्रदेश सरकार भी इस कोरोना वायरस के खिलाफ हर संभव कदम उठा रही है। इसके लिए सरकार ने अपने सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद कर दिए हैं।

प्रदेश में 428 लोग कोरोना प्रभावित देशों से आए है

इसी दौरान छह मार्च को प्रदेश सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी की गई थी। जिसमे प्रदेश में सार्वजनिक सभाओं और समारोहों को स्थगित किया गया है। हिमचाल प्रदेश में 428 लोग कोरोना प्रभावित देशों से आए हैं। इनमें से 268 लोगों की सूचना केंद्र सरकार ने दी है, जबकि 160 लोगों ने खुद प्रभावित देशों से आने की जानकारी विभाग को दी है।

04 लोगों को खांसी, जुकाम, बुखार आदि के लक्षण पाए जाने के बाद जांच के लिए नमूने भेजे गए थे जो नेगेटिव पाए गए। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कोरोना वायरस को लेकर दहशत का माहौल बनाने का आरोप लगाया। की वि बिना मतलब के प्रदेश में इस वायरस को लेकर दशहत फैला रहे है।

In Himachal, if someone refuses to investigate, then punishment will be done

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About the Author: Anjali Chauhan